चार ऐसे कारण जिसके चलते पृथ्वी शॉ को मिलनी चाहिए टीम इंडिया के लिमिटेड ओवर टीम में जगह

 


वेस्टइंडीज के खिलाफ युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने अपने डेब्यू टेस्ट मैच में ही शानदार 134 रन का शतक लगाकर अपने क्रिकेट करियर का शानदार आगाज किया था.

वह वेस्टइंडीज के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में ‘मैन ऑफ़ द सीरीज’ भी रहे, आज हम आपकों अपने इस खास लेख में पांच ऐसे कारण बताएंगे, जिसके चलते पृथ्वी शॉ भारतीय टीम की वनडे और टी-20 टीम में भी अपनी जगह डिजर्व करते हैं.

पृथ्वी शॉ एक आक्रमक बल्लेबाज हैं और यह बात उन्होंने टेस्ट सीरीज में भी काफी अच्छे से साबित की थी. पृथ्वी शॉ ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 94.04 के शानदार स्ट्राइक रेट से 237 रन बनाये थे. उनके इस शानदार स्ट्राइक रेट के बाद कहा जा सकता हैं, कि उन्हें भारत की टेस्ट और वनडे टीम में जरुर मौका मिलना चाहिए.


पृथ्वी का शानदार लिस्ट ए करियर और आईपीएल करियर 

बता दें, कि पृथ्वी शॉ का लिस्ट ए करियर और आईपीएल करियर भी शानदार रहा हैं. पृथ्वी ने अपने लिस्ट ए करियर के 22 मैचों में 42.63 की औसत से व 115.37 के स्ट्राइक रेट से 938 रन बना चुके हैं. वहीं आईपीएल में उन्होंने 27.22 की औसत से व 153.12 के स्ट्राइक रेट से 245 रन बनाये हुए हैं. अपने इस शानदार रिकॉर्ड के चलते भी वह भारत की वनडे और टी-20 टीम में खेलना डिजर्व करते हैं.


भारतीय वनडे और टी-20 क्रिकेट का भविष्य देखते हुए 

भारतीय वनडे और टी-20 क्रिकेट का भविष्य देखते हुए भी पृथ्वी शॉ को लिमिटेड ओवर टीम में मौका मिलना चाहिए. अगर उन्हें अभी से भारत की लिमिटेड ओवर टीम में मौका दिया जायेगा. तभी वह आने वाले कुछ सालों में एक परिपक्व खिलाड़ी बन जायेंगे और सीनियर खिलाड़ियों के जाने के बावजूद वह भारतीय क्रिकेट को अपने कंधों पर आगे लेकर जा सकते हैं.


विश्व कप 2019 के लिए तीसरे ओपनर की तलाश 

बता दें, कि विश्व कप 2019 के लिए भारतीय टीम के पास दो ओपनर तो पूरी तरह से तैयार हैं. जो रोहित शर्मा और शिखर धवन हैं, लेकिन अभी भी भारतीय टीम को विश्व कप 2019 के लिए तीसरे ओपनर की तलाश हैं.अगर पृथ्वी शॉ को लिमिटेड ओवर क्रिकेट में मौका मिलता हैं, तो वह अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर बतौर तीसरे ओपनर विश्व कप 2019 की टीम में अपनी जगह बना सकते हैं.


 

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